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Showing posts from August, 2020

ट्रेन के पूरे एक डिब्बे कि बुकिंग कैसे हो सकती है और कितने दिन पहले करवानी होती है?

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एक डब्बे की बुकिंग दो तरह से होती है अतिरिक्त डब्बे के रूप में नियमित चलने वाले पूरे डब्बे की बुकिंग दोनों के तौर तरीके काफी अलग हैं। जहाँ पहले के लिए मंडल/क्षेत्रीय मुख्यालय जाना पड़ सकता, दूसरे के लिए किसी भी बड़े स्टेशन से हो सकता है। दोनों को अलग अलग समझेंगे। पहले, अतिरिक्त डब्बे के रूप में इसके लिए बेहतर है, डिविजनल कार्यालय या एरिया कार्यालय (DRM या Area Manager ) में जा कर वाणिज्य शाखा में Sr. DCM के यहाँ प्रारंभिक तहकीकात कर लें। 24 डब्बों से चलने वाली ट्रेन में अतिरिक्त डब्बे की बुकिंग नहीं होती है। यह समझ लें। पहाड़ी रास्तों से गुजरने वाली ट्रेन 20–21 डब्बों की हो तो उसमें भी हो सकता है अतिरिक्त डब्बे न लगे। हर ट्रेन के लिए निर्धारित है कि अधिकतम डब्बों की संख्या, (Maximum Composition) और सामान्यतया डब्बों की संख्या , (Normal Composition) कितनी होगी। यदि , सामान्यतया डब्बों की संख्या , अधिकतम से कम होगी तभी अतिरिक्त डब्बे लग सकते हैं। वरना नहीं। जैसे Maximum Composition 24 डब्बे हैं और Normal C...

रेलवे में UPI पेमेंट कैसे करे

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रेलवे में UPI पेमेंट कैसे करे  डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे ने देश में अपने टिकट आरक्षण काउंटर पर यूपीआई  (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) भुगतान प्रणाली की पेशकश की व्यवस्था दी है । यात्री रिजर्वेशन सिस्टम  (पीआरएस) काउंटर पर बेचे जाने वाले 97 प्रतिशत टिकट नकदी के माध्यम से होते हैं और आरक्षण काउंटर पर  केवल दो-तीन प्रतिशत लेनदेन डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से होता है।रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक  लगभग 7.5 लाख टिकट रोज़ बुक किए जाते हैं। पीआरएस काउंटर पर पांच लाख टिकट बुक किए जाते हैं  अब एक यात्री को अपने साथ क्रेडिट/डेबिट कार्ड साथ लाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वे मोबाइल फोन के  माध्यम से BHIM ऐप के माध्यम से इसे बुक करने में सक्षम होंगे।रेलवे टिकट बुक करने के लिए भारत क्यूआर  कोड विकल्प विकसित करने के लिए काम कर रहा है। एक बार यह पूरा हो जाने पर यात्रियों को सिर्फ भुगतान  करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत है। सबसे जरूरी बात ये है कि यात्री द्वाराआरक्षित टिकट लेते समय UPI का उपयोग करने पर 10 प्रतिशत किराये...